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पिचानवें प्रतिशत से अधिक किसानों को पसन्द आया अंगूठे से बायोमैट्रिक सत्यापन पारदर्शी तरीके से हो रही है किसानों की ऋण माफी
जयपुर, 3 मार्च। रजिस्ट्रार, सहकारिता डाॅ. नीरज के. पवन ने रविवार को बताया कि देश में राजस्थान ऐसा पहला राज्य हैं जहां किसानों की ऋण माफी को त्वरित एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हमने किसान की पहचान को सुनिश्चित करने के लिये आधार आधारित अधिप्रमाणन प्रक्रिया को अपनाया है, जिसमें किसान का अंगूठे के माध्यम से अपना बायोमैट्रिक सत्यापन करवाया जा रहा है। डाॅ. पवन ने कहा कि हमने किसानी के कामकाज से अंगूठे के निशानों से बायोमैट्रिक सत्यापन की कठिनाई हो सकने का पूर्वानुमान करते हुए ओटीपी माध्यम को भी किसान के अधिप्रमाणन की प्रक्रिया में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि अबतक 14 लाख 55 हजार किसानों ने अंगूठे के निशान के माध्यम से अपना बायोमैट्रिक सत्यापन करवाया है, जो कुल सत्यापन के 95 प्रतिशत से अधिक है। यह इस बात का स्पष्ट प्रतीक है कि हमारे प्रदेश का किसान पारदर्शी व्यवस्था में विश्वास करता है और वह ऐसी प्रक्रिया में बढ़ चढ़कर भाग लेता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ऋण माफी में यह सुनिश्चित किया गया है कि पात्र किसान की ही ऋण माफी हो और उसे उसके हक के अनुसार पूरी ऋण माफी का लाभ प्राप्त हो। उन्होंने बताया कि इसके लिये किसान के पक्ष में की जा रही ऋण माफी की राशि की गणना में संबंधित किसान को शामिल किया है। किसान के संतुष्ट होने पर ही किसान की ऋण माफी की जा रही है। डाॅ. पवन ने बताया कि बायोमैट्रिक सत्यापन के लिये किसान को नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है और इस पर होने वाला समस्त व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसान को ऋण माफी के प्रत्येक स्टेप की जानकारी भी उनके पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस के द्वारा दी जा रही है, जिससे किसान अपनी ऋण माफी के बारे में पूरी तरह से सचेत रहे। उन्होंने बताया कि अंगूठे के द्वारा बायोमैट्रिक सत्यापन में जयपुर 1 लाख 20 हजार से अधिक किसानों के साथ प्रथम स्थान पर तथा बाड़मेर के 1 लाख 13 हजार किसानों के साथ द्वितीय स्थान पर है। रजिस्ट्रार ने बताया कि लोन वेवर पोर्टल पर अबतक 19 लाख 45 हजार से अधिक किसानों के 7986 करोड़ रुपये के ऋण माफी प्रकरण अपलोड कर दिये गये हैं तथा 15 लाख 30 हजार 356 किसानों द्वारा अपनी ऋण माफी राशि के सत्यापन के साथ-साथ अपना बायोमैट्रिक सत्यापन कर दिया है। उन्होंने बताया कि हम प्रतिदिन 82 हजार से अधिक किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र जारी कर उन्हें राहत प्रदान कर रहे हैं। डाॅ. पवन ने बताया कि जिन किसानों ने अपना बायोमैट्रिक सत्यापन कर दिया है उनमें से 89 प्रतिशत किसानों को 5031 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफी प्रमाण पत्र जारी कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई किसान अपनी ऋण माफी की राशि की गणना से संतुष्ट नहीं है तो वह परिवेदना कमेटी के सम्मुख अपील कर अपना पक्ष रख सकता है।
 
 
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